Money Vastu Tips In Hindi: दोस्तों, क्या आप जानते हैं कि Money Vastu Tips में रसोई घर का बहुत खास महत्व है? घर में पैसों की कमी और आर्थिक परेशानियों का एक कारण रसोई में की जाने वाली छोटी छोटी गलतियां भी हो सकती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई घर की व्यवस्था सीधे तौर पर हमारी समृद्धि से जुड़ी होती है। अगर आपके घर में भी पैसों की तंगी बनी रहती है तो हो सकता है कि आप अनजाने में कुछ वास्तु दोष कर रहे हों। आज के इस लेख में हम आपको रसोई से जुड़े ऐसे 10 वास्तु टिप्स बताएंगे जो आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में मदद करेंगे। तो चलिए जानते हैं इन जरूरी वास्तु उपायों के बारे में।
प्रश्न 1: रसोई में गैस चूल्हा किस दिशा में रखना चाहिए?
Answer: वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई में गैस चूल्हा हमेशा दक्षिण पूर्व दिशा में रखना चाहिए। यह दिशा अग्नि तत्व की मानी जाती है। इस दिशा में चूल्हा रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। अगर किसी कारण से दक्षिण पूर्व में नहीं रख सकते तो उत्तर पश्चिम दिशा भी ठीक रहती है। कभी भी चूल्हा उत्तर या पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिए।
प्रश्न 2: रसोई में सिंक और चूल्हा कैसे रखें?
Answer: रसोई में सिंक और चूल्हा कभी भी आमने सामने या साथ में नहीं रखना चाहिए। सिंक जल तत्व का प्रतीक है और चूल्हा अग्नि तत्व का। दोनों एक साथ रखने से टकराव होता है जो वास्तु दोष बनाता है। इससे घर में क्लेश और आर्थिक परेशानी आती है। सिंक और चूल्हे के बीच कम से कम दो फीट की दूरी होनी चाहिए। सिंक उत्तर या पूर्व दिशा में रखना शुभ होता है।
प्रश्न 3: रसोई का रंग कैसा होना चाहिए?
Answer: वास्तु के अनुसार रसोई की दीवारों का रंग हल्का और सकारात्मक होना चाहिए। पीला, नारंगी, हल्का गुलाबी या सफेद रंग रसोई के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। ये रंग सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं और खुशहाली बढ़ाते हैं। काला, गहरा नीला या गहरा लाल रंग रसोई में नहीं करना चाहिए। हल्के रंग रसोई को साफ और खुला भी दिखाते हैं।
प्रश्न 4: रसोई में अनाज कैसे रखना चाहिए?
Answer: रसोई में अनाज के डिब्बे हमेशा भरे हुए रखने चाहिए। खाली डिब्बे या खाली बर्तन घर में कमी का संकेत देते हैं। अनाज को दक्षिण या पश्चिम दिशा की दीवार के पास रखना शुभ होता है। डिब्बों को साफ सुथरा रखें और खराब अनाज तुरंत हटा दें। अनाज के भंडारण में साफ सफाई रखने से घर में धन की वृद्धि होती है।
प्रश्न 5: रसोई में झाड़ू कहां रखनी चाहिए?
Answer: रसोई में झाड़ू को कभी भी खुला नहीं रखना चाहिए। झाड़ू को हमेशा किसी अलमारी या स्टोर रूम में रखें। वास्तु के अनुसार झाड़ू को खड़ा करके भी नहीं रखना चाहिए क्योंकि इससे मां लक्ष्मी नाराज होती हैं। झाड़ू को दक्षिण या पश्चिम दिशा में छुपाकर रखना चाहिए। रात को झाड़ू लगाना भी अशुभ माना जाता है।
प्रश्न 6: रसोई में दर्पण लगाना चाहिए या नहीं?
Answer: रसोई में दर्पण लगाना बहुत शुभ माना जाता है लेकिन सही जगह पर। अगर दर्पण में गैस चूल्हा दिखे तो यह बहुत अच्छा होता है क्योंकि इससे धन दोगुना होता है। लेकिन दर्पण में सिंक या गंदगी नहीं दिखनी चाहिए। दर्पण हमेशा साफ रखें। रसोई में दर्पण लगाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में समृद्धि आती है।
प्रश्न 7: रसोई में पानी की बोतल कहां रखें?
Answer: रसोई में पानी की बोतल या पानी का मटका उत्तर पूर्व दिशा में रखना चाहिए। यह दिशा जल तत्व की होती है। इस दिशा में पानी रखने से घर में शांति और समृद्धि बनी रहती है। पानी को हमेशा साफ और ताजा रखें। गंदा या बासी पानी कभी नहीं रखना चाहिए। पानी का बर्तन भी साफ सुथरा होना चाहिए।
प्रश्न 8: रसोई घर का तवा कैसे रखना चाहिए?
Answer: वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई में तवा कभी भी खड़ा करके नहीं रखना चाहिए। तवे को हमेशा सपाट या चौरस रखना चाहिए। तवा खड़ा रखने से घर में धन की कमी होती है और आर्थिक परेशानियां आती हैं। खाना बनाने के बाद तवे को अच्छे से साफ करके सपाट रखें। इससे घर में लक्ष्मी का वास बना रहता है और पैसों की कमी नहीं होती।
प्रश्न 9: रसोई में नमक कैसे रखना चाहिए?
Answer: रसोई में नमक को ढककर और छुपाकर रखना चाहिए। नमक को खुला नहीं रखना चाहिए क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा सोखता है। नमक के डिब्बे को दक्षिण दिशा में रखना अच्छा होता है। पुराना या गीला नमक तुरंत बदल देना चाहिए। रसोई में नमक की सही व्यवस्था से घर में सकारात्मकता बनी रहती है।
प्रश्न 10: रसोई में कूड़ेदान कहां रखना चाहिए?
Answer: रसोई में कूड़ेदान हमेशा ढक्कन वाला होना चाहिए और इसे दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखना चाहिए। कूड़ेदान को कभी भी उत्तर या पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिए। रोज शाम को कूड़ा जरूर निकाल दें और रात भर कूड़ा रसोई में नहीं रखना चाहिए। कूड़े को घर में रखना अशुभ होता है और इससे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और वास्तु टिप्स के लिए लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी पारंपरिक वास्तु शास्त्र पर आधारित है। वास्तु के नियम अलग अलग परंपराओं में भिन्न हो सकते हैं। यह जानकारी किसी भी प्रकार की गारंटी नहीं देती। बेहतर परिणाम के लिए किसी वास्तु विशेषज्ञ से सलाह लें। लेखक इस जानकारी के इस्तेमाल से होने वाले किसी भी नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं है।